Monday, October 3, 2022

Sri Lanka Crisis : इस्तीफे के ऐलान से पहले देश छोड़कर भागे राष्ट्रपति राजपक्षे, मालदीव पहुंचने की खबर

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Image Source : PTI/FILE
Gotabaya Rajapaksa, President Sri lanka

Highlights

  • आज होना है इस्तीफे का औपचारिक ऐलान
  • परिवार समेत मालदीव भागे राष्ट्रपति राजपक्षे
  • अर्थव्यवस्था न संभाल पाने के कारण लोगों में गुस्सा

Sri Lanka Crisis : श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) देश छोड़कर फरार हो गए हैं। उनके मालदीव (Maldives) पहुंचने की खबर है। आज उनके इस्तीफे का औपचारिक ऐलान होना है।  इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करने से पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर मालदीव भाग गए। जानकारी के मुताबिक गोटाबाया एयरफोर्स के विमान से अपनी पत्नी और दो बॉडी गार्ड के साथ मालदीव के लिए रवाना हुए। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक मालदीव के स्थानीय समय के अनुसार आधी रात 3 बजे गोटाबाया राजपक्षे का सैनिक विमान मालदीव की राजधानी माले में लैंड हो गया। 

जेल से बचने के लिए राजपक्षे ने देश छोड़ा

राष्ट्रपति रहते हुए उन्हें विशेष अधिकारी मिला हुआ है जिसके तहत उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। लेकिन जब वे इस्तीफा दे देंगे तो उसके बाद यह तय है कि पब्लिक के दबाव में उन्हें जेल जाना पड़ सकता था। इसी से बचने के लिए वे देश छोड़कर भाग गए हैं। उधर, श्री लंका एयर फोर्स ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रपति को दिए गए अधिकारों के तहत रक्षा मंत्रालय से मंजूरी लेने के बाद गोटाबाया राजपक्षे को विमान उपलब्ध कराया गया था। यही विमान उन्हें लेकर मालदीव गया।

राजपक्षे के खिलाफ लोगों में गुस्सा 

देश की अर्थव्यवस्था को न संभाल पाने के कारण लोगों में राजपक्षे के खिलाफ गुस्सा है। कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमा लिया था। इसके बाद से गोटाबाया के नेवल शिप पर छिपे होने की खबरें आ रही थीं। इमिग्रेशन अफसरों ने यह जानकारी दी है कि राजपक्षे, उनकी पत्‍नी और बॉडीगार्ड के साथ अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ने वाले सैन्‍य विमान एंटोनोव32 में बैठे थे। अफसरों के मुताबिक, राजपक्षे का विमान पड़ोसी देश मालदीव में उतरा है। इससे पहले भी राजपक्षे परिवार ने देश छोड़ने की कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। 

20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव

इस बीच, श्रीलंका के राजनीतिक दलों ने एक सर्वदलीय सरकार बनाने तथा दिवालिया हो चुके देश को अराजकता में आगे बढ़ने से रोकने के लिए 20 जुलाई को नए राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्य विपक्षी दल समागी जन बालवेगया (एसजेबी) और पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की श्रीलंका फ्रीडम पार्टी (एसएलएफपी) के बीच बैठक हुई। राजनीतिक दलों ने संभावित उम्मीदवारों के समर्थन के लिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। एसजेबी ने कहा कि वह सजित प्रेमदास को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने के लिए प्रचार करेगी। प्रेमदास ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर पर देश का नेतृत्व करने तथा अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए तैयार है। श्रीलंका के संविधान के तहत, यदि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों इस्तीफा देते हैं, तो संसद का अध्यक्ष अधिकतम 30 दिन के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर सकता है। संसद अपने सदस्यों में से 30 दिन के भीतर एक नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी, जो वर्तमान कार्यकाल के शेष दो वर्षों के लिए पद धारण करेगा।

पेट्रोल पंपों पर अभी-भी लंबी कतारें

श्रीलंका में राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। यहां कुछ दिनों के ठहराव के बाद रविवार को इंडियन ऑयल कंपनी द्वारा खुदरा विक्रेताओं को ईंधन की आपूर्ति के साथ ही रसोई गैस का वितरण फिर से शुरू हो गया है। पेट्रोल पंपों पर अभी भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। देश में बुधवार रात से 450 ग्राम की ब्रेड के दाम 20 रुपये बढ़ जाएंगे। अन्य बेकरी उत्पादों की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी होगी। बताया जाता है कि गेहूं के आटे के भाव में 32 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि के चलते कीमत बढ़ाने का फैसला किया गया है। उन्होंने बताया कि एक किलोग्राम गेहूं का आटा पहले बाजार में 84. 50 रुपये में मिलता था, और अब उसकी कीमत बढ़कर 300 रुपये से अधिक हो गई है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने राजधानी में तीन मुख्य इमारतों-राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति सचिवालय और प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास टेंपल ट्रीज़ पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

इनपुट-भाषा





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