Tuesday, October 4, 2022

Endemic Stage of Covid-19: अमेरिका में अगले दो साल में एंडेमिक स्टेज पर पहुंच सकता है कोरोना, जानिए क्या है एंडेमिक स्टेज

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Highlights

  • अमेरिका में कोविड-19 दो साल में एंडेमिक स्टेज में पहुंच जाएगी
  • एंडेमिक स्टेज में एंफ्लुएंजा की तरह हो जाएगा कोविड-19
  • एंडेमिक स्टेज में इंसान का इम्यून सिस्टम वायरस के अनुरूप बन जाता है

Endemic Stage of Covid-19: चूहों पर किए गए एक मॉडलिंग अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिका में कोविड-19 बीमारी कम से कम दो साल में  एंडेमिक स्टेज यानी स्थानिक चरण में पहुंच सकती है। रिसर्चर्स बताते हैं कि सामान्य सर्दी और फ्लू जैसी बीमारियां मानव आबादी में एंडेमिक हो गई हैं, जिसका अर्थ है कि हर कोई इनसे कभी भी पीड़ित हो सकता है, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह विशेष रूप से हानिकारक नहीं हैं। कोविड-19 कब और कैसे स्थानिक हो सकता है, इसकी बेहतर समझ के लिए अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने चूहों की ओर रुख किया, जो मनुष्यों की तरह कोरोना वायरस के लिहाज से अतिसंवेदनशील होते हैं। अध्ययन में वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अमेरिका में कोविड बीमारी कम से कम दो साल में एंडेमिक स्टेज में पहुंच सकती है। इसमें पता चला कि टीकाकरण और प्राकृतिक जोखिम दोनों से लोगों में व्यापक प्रतिरक्षा उत्पन्न होती है जो वायरस को स्थानिक स्थिरता की ओर धकेलती है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर और अध्ययन से संबद्ध वरिष्ठ लेखक कैरोलिन जीस ने कहा कि वायरस लगातार फैलने वाला है। इसलिए अधिक संवेदनशील समूहों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा। हम यह नहीं मान सकते हैं कि एक बार जब हम एंडेमिक स्टेज में पहुंच जाएंगे तो हर कोई सुरक्षित हो जाएगा।

पेंडेमिक और एपेडेमिक से बिल्कुल अलग है एंडेमिक

पेंडेमिक या महामारी शब्द बीमारी के भौगोलिक प्रसार से संबंधित है। पैन का मतलब है संपूर्ण, डेमो का अर्थ है जनसंख्या यानी पूरी आबादी प्रभावित है। ऐसी बीमारी जो कई देशों या कई महाद्वीपों में फैल जाए जो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करे उसे पेंडेमिक कहते हैं। वैश्विक स्तर पर महामारी को ही पेंडेमिक कहा जाता है। WHO के अनुसार एपिडेमिक ही वैश्विक स्तर पर फैलने के बाद पेंडेमिक बन जाती है।

कोविड-19 के एंडेमिक हो जाने के बाद क्या होगा

कोविड-19 के एंडेमिक स्टेज में आने का मतलब है कि यह इतने बड़े स्तर पर नहीं है लेकिन है। ये खत्म भी नहीं हुआ है। यह एक तरह से एंफ्लुएंजा की तरह हो जाता है। जब कोविड-19 एंडेमिक हो जाएगा तो यह उतना भयावह नहीं रह जाएगा जैसा कि यह पहले था। फिर लोगों को कोविड नॉर्मल फ्लू की तरह लगने लगेगा। एंडेमिक एपिडेमिक और पेंडेमिक से कई गुना बेहतर है। एंडेमिक स्टेज में इंसान वायरस के अनुरूप अपने इम्यून सिस्टम को बना लेता है। यानी कुल मिलाकर अब इस बीमारी से लोगों की मौतें न के बराबर होगी।

कोविड-19 के एंडेमिक स्टेज पर पहुंचने के बाद क्या मास्क से आजादी मिलेगी

मास्क लगाना, हाथों को सैनेटाइज करना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना कोविड-19 को फालने से रोकने के लिए विशेषज्ञों ने इसे कोविड उपयुक्त व्यवहार बताया था। इसे हम तब तक जारी रखना चाहिए जब तक वायरस के फैलने का हाई फ्लो हो। यदि कोविड-19 एंडेमिक स्टेज पर पहुंच भी जाता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि यह बिल्कुल जड़ से खत्म हो गया है। कोविड का नया वैरिएंट कभी भी आ सकता है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन हमें हमेशा करना पड़ेगा जब कोविड अपने हाई फ्लों में पहुंच जाएगा। यदि आपको टीके लग भी गए होंगे तो भी आपको नए वैरिएंट के आने के बाद बूस्टर डोज की आवश्यकता होगी ताकि बीमारी के प्रकोप को कम किया जा सके।

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