Chhattisgarh: मनोज मंडावी को श्रद्धांजलि के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित, कल पेश होगा आरक्षण विधेयक

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छत्तीसगढ़ विधानसभा।
– फोटो : social media

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार से बुलाया गया है। पहले दिन भानुप्रतापपुर से विधायक व विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे स्व. मनोज मंडावी और पूर्व विधायक दीपक पटेल को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद विधानसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। अब राज्य सरकार आरक्षण विधेयक दो दिसंबर को सदन में पेश करेगी। इससे पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें कल सदन में पेश होने वाले विषयों और आगे का कार्यक्रम तय किया गया।  

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दरअसल, राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने आरक्षण विवाद के बीच विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इसके तहत सरकार दो दिसंबर को आदिवासी आरक्षण संशोधन और कालेजों में प्रवेश नियम संशोधन विधेयक पेश करेगी। सबकी नजर आदिवासी आरक्षण संशोधन विधेयक पर है। राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षण 32 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमाई हुई है। आदिवासी समाज आरक्षण कम किये जाने से नाराज है। 

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राज्य में आरक्षण की सीमा 76 फीसदी करने की तैयारी
आरक्षण में कमी और आदिवासी समाज में नाराजगी के बीच आदिवासी सीट भानुप्रतापपुर में पांच दिसंबर को मतदान है। कांग्रेस सरकार आदिवासियों को साधने के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करने और उस पर चर्चा के लिए विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है। आरक्षण संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार आदिवासियों के साथ ओबीसी, एससी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साधने के लिए राज्य में आरक्षण की सीमा 76 फीसदी करने जा रही है।

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शीतकालीन सत्र दो से चार जनवरी तक 
छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब जनवरी 2023 में बुलाया जाएगा। एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के कारण शीतकालीन सत्र की तारीख आगे बढ़ाई गई है। आमतौर पर विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बुलाया जाता रहा है। विशेष सत्र में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और अन्य चर्चा न होने की वजह से शीतकालीन सत्र दो से चार जनवरी तक ( तीन दिन ) बुलाने का निर्णय लिया गया है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार से बुलाया गया है। पहले दिन भानुप्रतापपुर से विधायक व विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे स्व. मनोज मंडावी और पूर्व विधायक दीपक पटेल को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद विधानसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। अब राज्य सरकार आरक्षण विधेयक दो दिसंबर को सदन में पेश करेगी। इससे पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें कल सदन में पेश होने वाले विषयों और आगे का कार्यक्रम तय किया गया।  

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दरअसल, राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने आरक्षण विवाद के बीच विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इसके तहत सरकार दो दिसंबर को आदिवासी आरक्षण संशोधन और कालेजों में प्रवेश नियम संशोधन विधेयक पेश करेगी। सबकी नजर आदिवासी आरक्षण संशोधन विधेयक पर है। राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षण 32 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमाई हुई है। आदिवासी समाज आरक्षण कम किये जाने से नाराज है। 

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राज्य में आरक्षण की सीमा 76 फीसदी करने की तैयारी

आरक्षण में कमी और आदिवासी समाज में नाराजगी के बीच आदिवासी सीट भानुप्रतापपुर में पांच दिसंबर को मतदान है। कांग्रेस सरकार आदिवासियों को साधने के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करने और उस पर चर्चा के लिए विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है। आरक्षण संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार आदिवासियों के साथ ओबीसी, एससी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साधने के लिए राज्य में आरक्षण की सीमा 76 फीसदी करने जा रही है।

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शीतकालीन सत्र दो से चार जनवरी तक 

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब जनवरी 2023 में बुलाया जाएगा। एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के कारण शीतकालीन सत्र की तारीख आगे बढ़ाई गई है। आमतौर पर विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बुलाया जाता रहा है। विशेष सत्र में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और अन्य चर्चा न होने की वजह से शीतकालीन सत्र दो से चार जनवरी तक ( तीन दिन ) बुलाने का निर्णय लिया गया है। 





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