Chhattisgarh: जशपुर जेल से फरार कैदियों का सुराग नहीं, मुख्य जेल प्रहरी और सहायक निलंबित

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जशपुर जेल से फरार कैदी कपिल भगत और ललित राम का अभी तक सुरगा नहीं लगा है।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के जशपुर जेल से फरार हुए दो कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी डी. रविशंकर की प्रारंभिक जांच में जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद मुख्य जेल प्रहरी सुधीर एक्का और सहायक मानसिंह साहू को निलंबित कर दिया गया है। 

यह भी पढ़ें….Chhattisgarh: हत्या-दुष्कर्म के आरोपी दो कैदी जेल से फरार, बैडमिंटन के तार और वालीबॉल पोल के सहारे कूदी दीवार

दरअसल, दुष्कर्म और हत्या के मामले में जेल में बंद दो कैदी सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बैडमिंटन ग्राउंट तैयार करते समय जेल की दीवार फांदकर भाग गए। दोनों कैदियों ने भागने के लिए बैडमिंटन के तार और वालीबॉल पोल का इस्तेमाल किया। उसके सहारे ही दीवार पर चढ़े। दोनों कैदियों के भागने के बाद जब सायरन बजा तो अफसरों को पता चला। 

जेल अधीक्षक समेत ये लोग भी संदिग्ध
बताया जा रहा है कि कैदियों के राशन में कटौती की गई है। आरोप है कि इससे कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोटी कमाई कर रहे हैं। इसके चलते कुछ महीने पहले कैदियों ने जेल के अंदर भूख हड़ताल भी की थी। इसके बाद से ही जेल अधीक्षक मनीष संभलकर और मुख्य प्रहरी विजय ध्रुव , प्रहरी बुधराम निषाद, गजेंद्र निषाद और जीतू नाग बंदियों को लॉकअप से बाहर निकालकर देर रात तक बैडमिंटन खेलते रहे। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के जशपुर जेल से फरार हुए दो कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी डी. रविशंकर की प्रारंभिक जांच में जेल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद मुख्य जेल प्रहरी सुधीर एक्का और सहायक मानसिंह साहू को निलंबित कर दिया गया है। 

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दरअसल, दुष्कर्म और हत्या के मामले में जेल में बंद दो कैदी सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बैडमिंटन ग्राउंट तैयार करते समय जेल की दीवार फांदकर भाग गए। दोनों कैदियों ने भागने के लिए बैडमिंटन के तार और वालीबॉल पोल का इस्तेमाल किया। उसके सहारे ही दीवार पर चढ़े। दोनों कैदियों के भागने के बाद जब सायरन बजा तो अफसरों को पता चला। 

जेल अधीक्षक समेत ये लोग भी संदिग्ध

बताया जा रहा है कि कैदियों के राशन में कटौती की गई है। आरोप है कि इससे कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोटी कमाई कर रहे हैं। इसके चलते कुछ महीने पहले कैदियों ने जेल के अंदर भूख हड़ताल भी की थी। इसके बाद से ही जेल अधीक्षक मनीष संभलकर और मुख्य प्रहरी विजय ध्रुव , प्रहरी बुधराम निषाद, गजेंद्र निषाद और जीतू नाग बंदियों को लॉकअप से बाहर निकालकर देर रात तक बैडमिंटन खेलते रहे। 





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