Friday, September 30, 2022

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार का कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन, प्रदेश भर में 19 जगहों पर छापेमारी

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छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार ने कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन लिया है। सरकार के चार विभागों की संयुक्त टीम ने कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन और रॉयल्टी चोरी की शिकायतों के बाद बुधवार को राज्य के 19 कोयला वाशरियों में छापेमारी की।

एक अधिकारी ने कहा कि खनिज, राजस्व, पर्यावरण और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभागों के कुल 50 कर्मियों वाली दस टीमें देर शाम तक चल रहे अभियान में शामिल थीं। बयान के मुताबिक राज्य के कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में कम से कम 19 कोयला वाशरी में छापेमारी की गई। इनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई।

सरकारी विज्ञप्ति में छापे को कोयला माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से इन सुविधाओं के खिलाफ कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन, रॉयल्टी चोरी और कर चोरी की शिकायतें मिल रही थीं।

अधिकारी ने कहा कि जीएसटी विभाग ने इन परिसरों से दस्तावेज भी जब्त किए हैं, उन्होंने कहा कि कार्रवाई का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जिन वाशरीज पर छापा मारा गया उनमें इंडस उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सत्या पावर कोल वाशरी शामिल हैं, जो सूर्यकांत तिवारी, एसीबी प्राइवेट लिमिटेड और हिंद एनर्जी की हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने लगाए थे सरकार पर आरोपी
इससे पहले कोल माफिया को लेकर राज्य में जमकर सियासी बवाल मचा था. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने एक दिन पहले ही कांग्रेस सरकार पर कोल माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है की ‘कोयले में हो रही गड़बड़ी को लेकर 10 बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुका हूं। ये सरकार खुलेआम प्रति टन 25 रुपए लेने का काम कर रही है. ये बच्चा-बच्चा जनता है। यह सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है, यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।’ इधर आज राज्य सरकार ने कोयले का काम कर रहे लोगों पर बड़ा एक्शन ले लिया।

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छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार ने कोल माफियाओं पर बड़ा एक्शन लिया है। सरकार के चार विभागों की संयुक्त टीम ने कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन और रॉयल्टी चोरी की शिकायतों के बाद बुधवार को राज्य के 19 कोयला वाशरियों में छापेमारी की।

एक अधिकारी ने कहा कि खनिज, राजस्व, पर्यावरण और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभागों के कुल 50 कर्मियों वाली दस टीमें देर शाम तक चल रहे अभियान में शामिल थीं। बयान के मुताबिक राज्य के कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में कम से कम 19 कोयला वाशरी में छापेमारी की गई। इनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई।

सरकारी विज्ञप्ति में छापे को कोयला माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करार दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से इन सुविधाओं के खिलाफ कोयला चोरी, हरित नियमों के उल्लंघन, रॉयल्टी चोरी और कर चोरी की शिकायतें मिल रही थीं।

अधिकारी ने कहा कि जीएसटी विभाग ने इन परिसरों से दस्तावेज भी जब्त किए हैं, उन्होंने कहा कि कार्रवाई का विवरण बाद में साझा किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, जिन वाशरीज पर छापा मारा गया उनमें इंडस उद्योग प्राइवेट लिमिटेड और सत्या पावर कोल वाशरी शामिल हैं, जो सूर्यकांत तिवारी, एसीबी प्राइवेट लिमिटेड और हिंद एनर्जी की हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने लगाए थे सरकार पर आरोपी

इससे पहले कोल माफिया को लेकर राज्य में जमकर सियासी बवाल मचा था. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने एक दिन पहले ही कांग्रेस सरकार पर कोल माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उन्होंने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है की ‘कोयले में हो रही गड़बड़ी को लेकर 10 बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुका हूं। ये सरकार खुलेआम प्रति टन 25 रुपए लेने का काम कर रही है. ये बच्चा-बच्चा जनता है। यह सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है, यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है।’ इधर आज राज्य सरकार ने कोयले का काम कर रहे लोगों पर बड़ा एक्शन ले लिया।



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