Wednesday, October 5, 2022

CG में बोरवेल में गिरे मासूम का रेस्क्यू LIVE: 40 घंटे से राहुल को बचाने की जद्दोजहद; 5 फीट खुदाई, फिर बनाई जाएगी टनल

More articles


जांजगीर-चांपा29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

छत्तीसगढ़ के जांजगीर- चांपा जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसे राहुल को बचाने की जद्दोजहद पिछले 38 घंटे से जारी है। 10 साल का बच्चा करीब 40 घंटे से 50 फीट गहरे गड‌्ढे में फंसा हुआ है। रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उसे जूस भी पीने को दिया गया। बच्चे की इस कोशिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों की उम्मीदें बना रखी है। बताया जा रहा है कि 5 फीट खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू होगा।

जिले के पिहरीद गांव स्थित अपने घर के पीछे खेलते समय राहुल शुक्रवार दोपहर खोदे गए बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे बचाने के प्रयास जारी हैं। इसके बाद से प्रशासन, सेना और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखा है। बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई हो गई है। अब इतनी ही खुदाई के बाद गड्‌ढे को चौड़ा किया गया है। इसके बाद अब टनल खोदने का काम शुरू किया जाएगा।

माइनिंग इंजीनियर टनल खोदने से पहले स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

माइनिंग इंजीनियर टनल खोदने से पहले स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

नीचे पत्थर होने और गड्‌ढे का मुंह चौड़ा होने से राहत
बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्‌ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है। NDRF की टीम अभी तक उस गड्‌ढे के बगल में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है। इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है। देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्‌ढे को और चौड़ा किया गया है।

बच्चे की सुरक्षा के लिए मैन्युअली काम, इसी के चलते देरी
दूसरे गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाती है। इसके कारण समय लग रहा है। बताया जा रहा है कि अब 5 फीट खोदने में अभी काफी घंटे लगेंगे। इसके बाद टनल बनाकर उसमें सीमेंट के स्लैब डाले जाएंगे। फिर जवान अंदर जाकर बच्चे को सुरक्षित बाहर लाने का प्रयास शुरू करेंगे। राहुल अंदर सो ना जाए, इसलिए उसके रिश्तेदार, गांव वाले लगातार उसे आवाजें दे रहे हैं।

राहुल को सुबह जूस पीने के लिए दिया गया। कैमरे से निगरानी की जा रही है।

राहुल को सुबह जूस पीने के लिए दिया गया। कैमरे से निगरानी की जा रही है।

इनकी मदद से राहुल को बचाने का प्रयास
राहुल को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के मेजर गौतम सूरी के साथ ही 4 सदस्यीय टीम भी जुटी हुई है। इसके अलावा 4 IAS, 2 IPS, 5 एडिशनल SP, 4 SDOP, 5 तहसीलदार, 8 TIऔर 120 पुलिसकर्मी, EE (PWD), EE (PHE), CMHO, 1 सहायक खनिज अधिकारी, NDRF के 32, SDRF से 15 और होमगार्ड के जवान मौजूद हैं। वहीं एक स्टोन ब्रेकर, 3 पोकलेन, 3 जेसीबी, 3 हाइवा, 10 ट्रैक्टर, 3 वाटर टैंकर, 2 डीजल टैंकर, 1 हाइड्रा, 1 फायर ब्रिगेड, 1 ट्रांसपोर्टिंग ट्रेलर, तीन पिकअप, 1 होरिजेंटल ट्रंक मेकर और 2 जेनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। दो एम्बुलेंस भी तैनात की गई है।

CM ने परिजनों ने से बात की, सकुशल वापसी का दिलाया भरोसा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने बच्चे के माता पिता से फोन पर बात की है। सीएम ने उन्हें राहुल की सकुशल वापसी का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा है कि पूरा शासन प्रशासन राहुल की सकुशल वापसी के लिए लगा हुआ है। आप लोग धैर्य रखें, राहुल की सकुशल वापसी होगी। वहीं सीएम ने जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है।

5 फीट और खुदाई के बाद शुरू होगा टनल बनाने का काम।

5 फीट और खुदाई के बाद शुरू होगा टनल बनाने का काम।

गुजरात से बुलाए गए रोबोट इंजीनियर

कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला और एसपी विजय अग्रवाल ने राहुल के परिजनों से मुख्यमंत्री की बात कराई है। राहुल के पिता राम कुमार साहू ने सीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है और मदद मांगी है। वहीं कलेक्टर ने सीएम को बताया कि उनके निर्देश पर गुजरात से रोबोट इंजिनियर को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि इसी रोबोटे के माध्यम से गुजरात में एक बच्चा के सफल रेस्क्यू किया गया था। बातचीत के दौरान जिले के एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे।

प्रशासन ने कहा है कि समय इसलिए भी ज्यादा लगा रहा है कि गड्‌ढे में केसिंग पाइप नहीं डला है। इस वजह से हम गड्‌ढे को दूर से खोद रहे हैं। यदि पास से खोदेंगे तो वाइब्रेशन से मिट्‌टी धसक सकती है और बच्चे को खतरा हो सकता है। शासन का कहना है चेन माउंटेन जो गड्‌ढा कर रही है उसे रास्ता बनाने में समय लगता है। इस वजह से भी गड्‌ढा करने में भी देरी हो रही है। साथ ही गड्‌ढा करने के वक्त काफी पत्थर निकल रहा है, बच्चा बोल सुन भी नहीं सकता है, इसलिए भी निकालने में काफी दिक्कत होती है।

राहुल की मां और परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है।

राहुल की मां और परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल है।

कटक और बिलासपुर से पहुंची NDRF टीमें

कटक और बिलासपुर से NDRF की टीम मौके पर हैं। कोरबा,रायगढ़ से भी मशीने देर रात पहुंच गई थीं। आसपास के एरिया में बैरिकेडिंग की है। रात को पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस की टीम को तैनात किया गया है। ऑक्सीजन सिलेंडर अतिरिक्त तौर पर रखा गया है। CCTV से कलेक्टर सहित अधिकारी नजर रखे हुए हैं। रात में बच्चे को खाने के लिए केला, फ्रूटी सहित अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई थी। बोरवेल से राहुल की आवाज और उसकी हलचल पूरी तरह सुनाई और दिखाई दे रही है

मां-बाप का बड़ा बेटा है राहुल
हादसे के बाद से ही राहुल की मां और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई यह उम्मीद लगाए बैठा है कि जल्दी से राहुल को बाहर निकाल लिया जाए। पूरे गांव के लोग भी रात भर उसी जगह पर टिके रहे, जहां पर बच्चा गिरा है। राहुल अपने मां-बाप का बड़ा बेटा है। उसका छोटा भाई 2 साल छोटा है। पिता की गांव में बर्तन दुकान है।

राहुल साहू (10) का शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चला। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्‌ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्‌ढा 80 फीट गहरा है। बच्चा लगभग 50 फीट गहराई में फंसा है। ये भी बताया गया है कि बच्चा मूक-बधिर है, मानसिक रूप से काफी कमजोर है। जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest