Sunday, October 2, 2022

Anchor Rohit Ranjan Case: क्या मामला बिना सूचीबद्ध किए होगी एंकर रोहित की याचिका पर सुनवाई? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फाइलें CJI के पास

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टीवी एंकर रोहित रंजन की याचिका का मामला सुप्रीम कोर्ट में फंस गया है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की थी। हालांकि, रोहित रंजन के वकील सिद्धार्थ लूथरा का कहना है कि याचिका को सुनवाई के लिए आज सूचीबद्ध ही नहीं किया गया है। जबकि, इस मामले में आज की तारीख दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि रोहित रंजन का मामला हमें सौंपा ही नहीं गया है। मामले से संबंधित फाइलें सीजेआई के ही पास हैं। 

दरअसल, राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने और गलत वीडियो चलाने के मामले में एंकर रोहित रंजन के खिलाफ एक जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें एक एफआईआर छत्तीसगढ़ में भी दर्ज थी। जब छत्तीसगढ़ पुलिस उनहें गिरफ्तार करने के लिए गाजियाबाद पहुंची तो नोएडा पुलिस ने रंजन को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया था। अब इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। इसी से बचने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। 

क्यों फंसा कोर्ट में मामला?
रोहित रंजन की तरफ से वकील सिद्धार्थ लूथरा बधुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस पर कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की बात कही। हालांकि, संक्षिप्त सुनवाई में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर की जानी बाकी है। जिस पर पीठ नाराज हो गई। पीठ ने कहा, हमें बताया जाना चाहिए था कि याचिका दायर नहीं हुई है।

एंकर रोहित के फ्लैट पर लटका मिला ताला, फिर लौटी छत्तीसगढ़ पुलिस
राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से पेश किए जाने के मामले में टीवी एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी के लिए आई छत्तीसगढ़ पुलिस दूसरे दिन बुधवार को भी बैरंग लौट गई। इंदिरापुरम में निहो स्काटिस सोसायटी में एंकर के फ्लैट पर पहुंची पुलिस को ताला लटका मिला। 15 मिनट लोगों से पूछताछ कर पुलिस एसएसपी दफ्तर चली गई। यहां इंदिरापुरम थाने की पुलिस की शिकायत की। आरोप लगाया कि इंदिरापुरम पुलिस ने मंगलवार को रोहित की गिरफ्तारी में सहयोग नहीं किया।

रायपुर के एसपी सिटी उदयन बेहार ने एसएसपी दफ्तर में एसपी अपराध डॉ. दीक्षा शर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। कहा, इंदिरापुरम पुलिस ने उनके वारंटी को गिरफ्तार नहीं करने दिया। उसे इंदिरापुरम थाने ले जाने की बात कहकर कहीं और ले गई।

नौ धाराओं में केस
रायपुर पुलिस ने रोहित के खिलाफ जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस तीन जुलाई को सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया। गाजियाबाद पुलिस से मांग की है कि रोहित रंजन को उनके हवाले किया जाए।

कांग्रेस ने एनबीडीएसए में दर्ज कराई शिकायत
राहुल गांधी के फर्जी वीडियो के मामले में कांग्रेस ने बुधवार को न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) में न्यूज चैनल व एंकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस के प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने चार जुलाई को एनबीडीएसए के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा, यह पूरी तरह अवैध, अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण प्रसारण था। एजेंसी

रायपुर पुलिस ने चैनल के दफ्तर के बाहर नोटिस किए चस्पा
रायपुर पुलिस बुधवार को कोतवाली सेक्टर-20 पहुंची और नोटिस दिया लेकिन नोएडा पुलिस ने नोटिस नहीं लिया। रायपुर पुलिस ने एंकर की एफआईआर से लेकर अन्य जानकारी मांगी, लेकिन नोएडा पुलिस ने कानूनी कार्रवाई बताकर इससे भी पल्ला झाड़ लिया। रायपुर पुलिस ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस टीम न्यूज चैनल के दफ्तर जांच के लिए जा रही है। इस पर थाना पुलिस ने चौकी इंचार्ज को साथ भेज दिया। रायपुर पुलिस टीवी चैनल के दफ्तर पहुंची और पूछताछ की और बाहर दो नोटिस चस्पा कर दिए।

नोटिस कार्तिक कृष्णमूर्ति और रजनीश आहूजा के नाम पर था। नोटिस में बताया गया कि राहुल गांधी के वक्तव्य को फर्जी तरीके से चैनल पर दिखाने की घटना पर विधायक देवेंद्र यादव की तरफ से शिकायत पर रायपुर में एफआईआर दर्ज हुई है। जांच में पूछताछ कर स्टेटमेंट लिया जाना है। इसके लिए 12 जुलाई तक रायपुर के सिविल लाइन थाने में उपस्थित हों।

विस्तार

टीवी एंकर रोहित रंजन की याचिका का मामला सुप्रीम कोर्ट में फंस गया है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए आज की तारीख तय की थी। हालांकि, रोहित रंजन के वकील सिद्धार्थ लूथरा का कहना है कि याचिका को सुनवाई के लिए आज सूचीबद्ध ही नहीं किया गया है। जबकि, इस मामले में आज की तारीख दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि रोहित रंजन का मामला हमें सौंपा ही नहीं गया है। मामले से संबंधित फाइलें सीजेआई के ही पास हैं। 

दरअसल, राहुल गांधी के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने और गलत वीडियो चलाने के मामले में एंकर रोहित रंजन के खिलाफ एक जगहों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें एक एफआईआर छत्तीसगढ़ में भी दर्ज थी। जब छत्तीसगढ़ पुलिस उनहें गिरफ्तार करने के लिए गाजियाबाद पहुंची तो नोएडा पुलिस ने रंजन को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया था। अब इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। इसी से बचने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। 

क्यों फंसा कोर्ट में मामला?

रोहित रंजन की तरफ से वकील सिद्धार्थ लूथरा बधुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस पर कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की बात कही। हालांकि, संक्षिप्त सुनवाई में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) ने स्पष्ट किया कि याचिका दायर की जानी बाकी है। जिस पर पीठ नाराज हो गई। पीठ ने कहा, हमें बताया जाना चाहिए था कि याचिका दायर नहीं हुई है।

एंकर रोहित के फ्लैट पर लटका मिला ताला, फिर लौटी छत्तीसगढ़ पुलिस

राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से पेश किए जाने के मामले में टीवी एंकर रोहित रंजन की गिरफ्तारी के लिए आई छत्तीसगढ़ पुलिस दूसरे दिन बुधवार को भी बैरंग लौट गई। इंदिरापुरम में निहो स्काटिस सोसायटी में एंकर के फ्लैट पर पहुंची पुलिस को ताला लटका मिला। 15 मिनट लोगों से पूछताछ कर पुलिस एसएसपी दफ्तर चली गई। यहां इंदिरापुरम थाने की पुलिस की शिकायत की। आरोप लगाया कि इंदिरापुरम पुलिस ने मंगलवार को रोहित की गिरफ्तारी में सहयोग नहीं किया।

रायपुर के एसपी सिटी उदयन बेहार ने एसएसपी दफ्तर में एसपी अपराध डॉ. दीक्षा शर्मा को शिकायती पत्र सौंपा। कहा, इंदिरापुरम पुलिस ने उनके वारंटी को गिरफ्तार नहीं करने दिया। उसे इंदिरापुरम थाने ले जाने की बात कहकर कहीं और ले गई।

नौ धाराओं में केस

रायपुर पुलिस ने रोहित के खिलाफ जालसाजी समेत नौ धाराओं में केस दर्ज किया है। यह केस तीन जुलाई को सिविल लाइन थाने में दर्ज किया गया। गाजियाबाद पुलिस से मांग की है कि रोहित रंजन को उनके हवाले किया जाए।

कांग्रेस ने एनबीडीएसए में दर्ज कराई शिकायत

राहुल गांधी के फर्जी वीडियो के मामले में कांग्रेस ने बुधवार को न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) में न्यूज चैनल व एंकर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस के प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने चार जुलाई को एनबीडीएसए के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा, यह पूरी तरह अवैध, अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण प्रसारण था। एजेंसी

रायपुर पुलिस ने चैनल के दफ्तर के बाहर नोटिस किए चस्पा

रायपुर पुलिस बुधवार को कोतवाली सेक्टर-20 पहुंची और नोटिस दिया लेकिन नोएडा पुलिस ने नोटिस नहीं लिया। रायपुर पुलिस ने एंकर की एफआईआर से लेकर अन्य जानकारी मांगी, लेकिन नोएडा पुलिस ने कानूनी कार्रवाई बताकर इससे भी पल्ला झाड़ लिया। रायपुर पुलिस ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस टीम न्यूज चैनल के दफ्तर जांच के लिए जा रही है। इस पर थाना पुलिस ने चौकी इंचार्ज को साथ भेज दिया। रायपुर पुलिस टीवी चैनल के दफ्तर पहुंची और पूछताछ की और बाहर दो नोटिस चस्पा कर दिए।

नोटिस कार्तिक कृष्णमूर्ति और रजनीश आहूजा के नाम पर था। नोटिस में बताया गया कि राहुल गांधी के वक्तव्य को फर्जी तरीके से चैनल पर दिखाने की घटना पर विधायक देवेंद्र यादव की तरफ से शिकायत पर रायपुर में एफआईआर दर्ज हुई है। जांच में पूछताछ कर स्टेटमेंट लिया जाना है। इसके लिए 12 जुलाई तक रायपुर के सिविल लाइन थाने में उपस्थित हों।



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