Friday, September 30, 2022

1800 स्कूलों में लटके रहे ताले प्रशासनिक काम -काज भी रहे ठप

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कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन जिले कर्मचारियों ने केंद्र के समान 34 फीसद महंगाई भत्ता व सातवे वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा जैसे दो सूत्रीय मांग को लेकर बुधवार को तानसेन चौक में धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन में शिक्षा सहित प्रशासनिक विभाग के कर्मचारियों के शामिल होने से जिले के 1800 स्कूलों में ताले लटके रहे। वहीं सरकारी कार्यालयों में पूरे दिन कामकाज ठप रहा।

कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर अधिकारी कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन जारी है। इस कड़ी में द्वितीय चरण के तहत के तहत अपनी मांग मनवाने के धरना प्रदर्शन के साथ रैली निकाल कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम पत्र अपर कलेक्टर विजेंद्र पाटले को सौंपा। आंदोलन व धरना प्रदर्शन को लेकर तानसेन चौक में सुबह से ही गहमा-गहमी का माहौल रहा। प्रदर्शन में सबसे अधिक भागीदारी शिक्षक संगठनों की देखी गई। स्कूल बंद होने की जानकारी नहीं होने के अधिकांश छात्र-छात्राओं को स्कूल के दरवाजे वापस लौटना पड़ा। पहली चरण के प्रदर्शन में कर्मचारियों ने 30 मई को ब्लाक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन करते हुए एसडीएम व तहसलीदार को मांग संबंधी पत्र सौंपा था। संगठन प्रमुख केआर डहरिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तत्वावधान में दो सूत्रीय मांग पूरा करने के लिए शासन से आग्रह किया जा रहा है लेकिन कर्मचारी हित में निर्णय नहीं लिए जाने से उनमें नाराजगी देखी जा रही। राज्य सरकार ने सत्ता में आने से पहले मांग पूरा करने की बात कही थी। मांग पूरा नहीं होने से कर्मचारियों का आंदोलन करना पड़ रहा। डहरिया ने बताया कि प्रदेश स्तर पर हुए धरना प्रदर्शन में संगठन से जुड़े जिले के 52 विभाग के कर्मचारी धरना स्थल पर शामिल हुए। जिन कर्मचारी अधिकारी की प्रमुख रूप से भागीदारी रही उनमें केआर डहरिया, प्यारे लाल चौधरी, आरके पांडे, तरुण सिंह राठौर, सुरेश कुमार द्वेवेदी, ओम प्रकाश बघेल, गिरीश केशकर जेपी उपाध्याय सहित खासी संख्या कर्मचारी अधिकारी एक दिवसीय अवकाश लेकर आंदोलन व धरना प्रदर्शन में शामिल रहे।

काम बंद, कलम बंद आंदोलन 25 से

संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने चरणबद्ध प्रदर्शन जारी रखा है। पदाधिकारियों ने बताया कि जब तक उनकी दो सूत्रीय मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगी। उन्होने बताया कि राज्य स्तरीय संगठन के मार्ग दर्शन पर अगले चरण में 25 जुलाई से पांच दिवसीय कलम बंद व काम बंद आंदोलन का शंखनाद करेंगे। इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चत कालीन आंदोलन शुरू की जाएगी।

अधिकारियों की उपस्थित कम

आंदोलन में वन, पीएचई, कृषि, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्ना विभाग के कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर भागी निभाई। इसके विपरीत अधिकारियों की उपस्थिति नगण्य रही। चौक में आंदोलन जारी रहने के बावजूद कई कर्मचारी कार्यालयों में ही डंटे रहे। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति भी कमजोर रही है। कई कर्मचारियों ने अवकाश लेकर प्रदर्शन स्थल में जाने के बजाए घर में ही आराम करना उचित समझा।

छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग का आकस्मिक बैठक

धरना प्रदर्शन व रैली के पश्चात छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला-शाखा की आकस्मिक बैठक आयोजित की गई। बीआरसी भवन प्रांगण में आयोजित बैठक में एसके पाठक के मुख्य आतिथ्य व जेपी उपाध्याय की उपस्थिति में आगामी आंदोलन से संबंधित रणनीति पर विचार विमर्श किया गया। प्रांताध्यक्ष विजय झा 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे। मुख्य अतिथि द्विवेदी ने बताया कि संघ के प्रान्ताध्यक्ष का चुनाव संघ के संविधान के तहत लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप किया जाना है। उन्होने बताया कि दुर्ग भिलाई में 17 जुलाई को संघ का प्रांतीय अधिवेशन का कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें जिले के ज्यादा से ज्यादा सदस्यों के शामिल होने का निर्णय लिया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

 



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