Wednesday, October 5, 2022

18 साल से सड़क वहीं पुरानी व सकरी साढ़े तीन लाख वाहन बढ़े

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कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि) 18 साल के भीतर सड़कों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ है। शहर को घेरने वाली बायपास सड़कें अब पहले के बजाय सकरी हो चुकी हैं। प्रति वर्ष औसतन 20 हजार छोटे बड़े वाहनों वाहनों का दबाव सड़कों में बढ़ रहा है। तेज गति में दौड़ते ओवरलोड मालवाहक ही सड़क हादसों की मुख्य वजह है। जिले में औसतन हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत होती है। बरसाती असर से एक ओर जहां निर्माणाधीन मुख्य सड़के खतरे को आमंत्रण दे रही है, वहीं जर्जर बायपास सड़कों में चलना मुसीबत मोल लेना साबित हो रहा है।शहर को जोड़ने वाली मुख्य और बायपास सड़कें मौत का सपुर साबित हो रही हैं। पावर प्लांट व बाल्को स्थित एल्यूमीनियम प्लांट के अलावा कोयला खदानों से यहां की सड़कों पर चौबीस घंटे मालवाहक दौड़ते हैं। जिले के अलावा पड़ोसी जिलों व दीगर राज्यों के लिए भी भारी वाहन चलते हैं। 18 वर्षो के दौरान औद्योगिक विकास के साथ ही सड़कों पर करीब साढ़े तीन लाख वाहनों की संख्या बढ़ गई। इनमें भारी वाहन 13 हजार है। इस तरह सड़कों पर लगातार छोटे व भारी वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर सड़कों की स्थिति दशकों पुरानी ही है। यहां न तो भारी वाहन के लिए अलग से बाइपास बना है और न ही पुरानी सड़कों की चौड़ाई बढ़ाई गई। ऐसे में भारी वाहनों की संख्या अधिक होने व ऐसे भारी भरकम वाहनों की तेज गति होने से सुहाने सफर के लिए बनी सड़कें लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। आए दिन किसी न किसी सड़क पर भारी वाहनों की रफ्तार के कारण हादसे हो रहे हैं। औसतन हर तीसरे-चौथे दिन एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे में हो रही है। हादसे बढ़ने से प्रदेश सरकार भी चिंतित है और एक्सीडेंट नियंत्रण के लिए जिले में पुलिस जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही जरूरी उपाय कर रही है। जब तक मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा और भारी वाहनों के लिए औद्योगिक कारिडोर की तर्ज पर दूसरे जिलों की ओर सड़क तैयार नहीं किया जाएगा तब तक यह स्थिति बदलना मुश्किल है।

भारी वाहनों की तादात अधिक

जिला परिवहन विभाग से मिली जानकारी के आधार पर दो दशक पहले छह चक्का वाले ट्रक व 10 चक्का वाले हाइवा का दौर था। लेकिन इसके बाद लगातार ज्यादा क्षमता वाले मालवाहक सड़क पर उतरते गए हैं। जिस कारण अधिक क्षमता वाले ट्रेलर -ट्राला व अन्य वाहनों का दबाव सड़क पर बढ़ने लगा है। जिले में वर्तमान में 13 हजार भारी वाहन पंजीकृत है। जिसमें से करीब 10 हजार वाहन रनिंग में हैं। इसमें ट्रेलर की संख्या ज्यादा है। ।

ट्रांसपोर्ट नगर की शिफ्टिंग अटकी

निगम के विपक्षी प्रतिनिधियों की माने तो पहले छह चक्के वाले ट्रक -डंपर चलते थे। शहर में ट्रांसपोर्ट नगर बसाया गया था, लेकिन अब बड़े- बड़े वाहन चलने लगे हैं। इसमें मालवाहकों के लिए क्षेत्र में जगह नहीं है। क्षेत्र में लोगों की आबादी भी बढ़ गई है। जिससे परेशानी हो रही है। ट्रांसपोर्ट नगर का शहर से बाहर शिफ्टिंग भी अटका हुआ है। शिफ्टिंग होने से शहर के भीतर से हजारों मालवाहकों का दबाव कम हो जाता।

Posted By: Nai Dunia News Network

 



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