Wednesday, October 5, 2022

रखरखाव के अभाव में सात साल में ही जर्जर हो गया खदान का बंकर

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Publish Date: | Wed, 06 Jul 2022 09:32 PM (IST)

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रजगामार की भूमिगत चार- पांच नंबर खदान के बंकर का बकेट गिरने से कर्मचारी की मौत के मामले की जांच शुरू हो गई है। डायरेक्टर माइंस आफ सेफ्टी बिलासपुर (डीएमएस), डायरेक्टर माइंस आफ सेफ्टी मेकेनिकल नागपुर के साथ श्रमिक संगठन की सेफ्टी कमेटी की टीम घटनास्थल पहुंच कर जायजा लेकर कर्मचारी- अधिकारियों से पूछताछ की। इस दौरान बंकर के जर्जर होने की पुष्टि हुई। बंकर की उम्र 50 साल लगभग निर्धारित है, लेकिन सात साल में ही वेल्डिंग टूटने से यह हादसा हो गया। पुराना स्ट्रक्चर इस्तेमाल किए जाने की यह स्थिति निर्मित हुई।

साउथ इस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) कोरबा क्षेत्र की रजगामार भूमिगत खदान में मंगलवार की दोपहर ट्रेलर में कोयला लोड करते वक्त बंकर का बकेट टूट कर नीचे गिर गया। घटना में एसईसीएल कर्मी राधेश्याम साहू की मौत हो गई थी, वहीं ट्रेलर दब कर क्षतिग्रस्त हो गया। लगभग तीन घंटे बाद राधेश्याम का शव बाहर निकाला जा सका। वहीं घटना से पहले ही ट्रेलर चालक वाहन से उतर कुछ दूर चला गया, इससे उसकी जान बच गई। स्वजनों व कर्मियों के हंगामा किए जाने के बाद प्रबंधन ने तात्कालिक तौर पर 1.25 लाख रुपये सहायता राशि प्रदान की। घटना की सूचना एसईसीएल मुख्यालय समेत डीएमएस बिलासपुर व डीएमएस मेकेनिकल नागपुर की टीम को दी गई थी। बुधवार को डीएमएस बिलासपुर से देव कुमार, डीएमएस नागपुर से भंसारे रजगामार पहुंचे और जांच शुरू की। इसके साथ ही सेफ्टी कमेटी के सदस्य गणेश प्रसाद, अमित गुप्ता, आफिसर्स एसोसिएशन से ओपी सिंह व एटक से कमर बख्श भी मौजूद रहे। टीम ने संपूर्ण घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की। बाद में घटनास्थल पर मौजूद रहे कर्मचारी व अधिकारियों से भी चर्चा कर विस्तृत जानकारी ली। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि बंकर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और वेल्डिंग का काम भी गुणवत्ता नहीं किया गया था, इस की वजह से दुर्घटना हुई। डीएमएस की टीम अपनी रिपोर्ट मुख्यालय के आला अधिकारियों को सौंपेगी।

20 साल में लेनी होती है जांच रिपोर्ट

एसईसीएल से जुड़े जानकारों का कहना है कि नए बंकर की उम्र 50 वर्ष निर्धारित है। बंकर निर्माण के 25 वर्ष बाद जरूरी होता है। वहीं 20 वर्ष बाद एनडीटी जांच किया जाता है और इसका प्रमाणपत्र लिया जाता है। रजगामार खदान में लगा बंकर अभी 20 वर्ष भी नहीं हुआ था और बकेट टूट कर गिर गया।

पुलिस ने अभी दर्ज नहीं किया मामला

24 घंटा बीत जाने के बाद भी रजगामार पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है। चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि मर्ग कायम किया गया है। मृतक के स्वजनों व सबएरिया को सूचना दी गई है, पर अभी दोनों नहीं पहुंचे हैं। बयान लेने व जांच उपरांत मामला कायम कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया ही लापरवाही बरते जाने की वजह से कर्मी की मौत होने का मामला नजर आ रहा। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को आरोपित बनाया जाएगा

केवल वेल्डिंग किया गया था बंकर में

बंकर निर्माण के दौरान स्प्रिट लगाकर वेल्डिंग किया जाना था, पर जानकारों का कहना है कि निर्माण एजेंसी केवल वेल्डिंग कर अपने कर्तव्य को इतिश्री कर लिया था। इसके साथ ही बंकर में लगा सामान पुराना होने की वजह से लोहे की प्लेट सड़ कर जर्जर हो गया था। वेल्डिंग कमजोर व लोहे की प्लेट जर्जर होने की वजह बकेट टूट गया।

गीले चूरे की वजह से बढ़ा वजन

बताया जा रहा है कि बंकर के बकेट में दो दिन से कोयला नहीं निकाला गया था। जबकि बकेट कोयला से भरा था। वर्षा होने की वजह से बकेट में भरा कोयले का चूरा गीला हो गया। इससे बकेट में वजन भी बढ़ गया। घटना की एक वजह इसे भी मानी जा रही है। यहां बताना होगा कि बकेट की क्षमता 100 टन है, पर कोयला गीला होने की वजह से इसका वजन ज्यादा हो गया और भरभरा का टूट गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

 



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