Tuesday, October 4, 2022

भास्‍कर Analysis: 3.60 लाख तक कमाई पर 67 हजार टैक्स दे रहे फिर भी कहीं पानी कम, कहीं सड़कें उबड़-खाबड़

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रायपुरएक घंटा पहलेलेखक: ठाकुरराम यादव

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अमलीडीह से देवपुरी जाने वाले रास्ते का ये हाल है…शहर में कई जगह ऐसी ही तस्वीर।

सालाना 3.60 लाख कमाने वाला एक आम आदमी सालभर में केंद्र और राज्य सरकारों को करीब 67 हजार रुपए टैक्स चुका रहा है। इतना टैक्स चुकाने के बाद भी किसी को पानी कम मिल रहा तो किसी को बिजली के संकट से जूझना पड़ रहा है कहीं सड़कें टूटी-फूटी होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में जगह-जगह बंद लाइटों के कारण अंधेरा और बारिश में जलभराव जैसी समस्याएं बरसों से जस की तस हैं। यही नहीं, छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

न्यूनतम 30 हजार मासिक कमाने वाले आम आदमी को भले ही इंकम टैक्स नहीं भरना पड़ता, लेकिन हर तरह की खरीदी में उन्हें केंद्र और राज्य सरकारों को जीएसटी के रूप में बड़ी रकम देनी पड़ती है। न्यूनतम आय वाले बहुत से लोगों को पता तक नहीं होता कि उनकी गाढ़ी कमाई का लगभग 67 हजार टैक्स के रूप में सरकारों को जा रहा है। आमदनी के सााथ खर्च भी बढ़ रहा। उसी अनुपात में टैक्स भी।

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए की वृद्धि हो गई। पेट्रोल-डीजल की कीमतें 100 रुपए से ऊपर पहुंच गई है। स्कूल, कालेज में एडमिशन और तमाम तरह की खर्चें शुरू हो रहे हैं। यह समय पिछले वित्तीय वर्ष की आयकर विवरणी यानी इंकम टैक्स रिटर्भ भरने का समय है। दैनिक भास्कर ने औसत आम नागरिक की सालाना आमदनी और उसके द्वारा खर्च किए जाने वाली रकम के अनुपात में चुकाए जाने वाले टैक्स का विश्लेषण किया तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया।

पांच से दस लाख कमाने वाला हर साल डेढ़ लाख से ज्यादा टैक्स दे रहा
सीए शशिकांत चंद्राकर ने कहा कि सामान्य व्यक्ति को पता ही नहीं होता कि वह बिना चुकाए भी हजारों रुपए टैक्स का भुगतान हर साल करता है। सरकारों को वह टैक्स इसलिए चुकाता है कि उन्हें मूलभूत सुविधाएं तो मिले। आयकर की सीमा में आने वाले लोगों को तो इंकम टैक्स भी चुकाना पड़ता है और इस तरह के अप्रत्यक्ष कर भी भुगतान करना पड़ता है। पांच से दस लाख की सालाना आमदनी वाला व्यक्ति डेढ़ लाख से ज्यादा टैक्स का भुगतान करता है। चंद्राकर ने कहा कि टैक्स जरूरी है। इसी से सरकारों शहर, राज्य और देश में सुविधाएं विकसित करती हैं।

जिसकी सैलरी 30 हजार उसे आयकर तो नहीं लगता लेकिन हर खरीदी में दे रहा जीएसटी

शहर की खराब सड़क, बिजली और जलभराव पर नज़र

अमलीडीह पानी टंकी से लालपुर की सड़क
शहर के भीतर जगह-जगह पर सड़कें खुदी हुई हैं। पाइपलाइन डालने, केबिल बिछाने इत्यादि के कारण सड़कों पूरी तरह खराब है। आउटर के वार्डों में सड़क की स्थिति गांव जैसी है। अमलीडीह पानी टंकी से लालपुर जाने वाली सड़क इतनी खराब है कि यहां आए दिन लोग गिरते रहते हैं।

रायपुरा में नाली ही नहीं बनाई गई
शहर में ओपन ड्रेनेज की वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी भरने के साथ-साथ बारिश के दिनों में मच्छर की समस्या ज्यादा है। रायपुरा के देवनगरी कालोनी में तो नाली ही नहीं बनाई गई है। नाली नहीं होने के कारण लोगों के घरों का सीवरेज का पानी सड़कों पर बहता है।

जलभराव हर साल की समस्या बनी
अव्यवस्थित बसाहटों और कब्जों की वजह से शहर में बारिश होने पर जल निकासी का रास्ता नहीं रहता। इस वजह से सड़कों और घरों में पानी भर जाता है। गुरुवार को हुई बारिश में एकात्म परिसर, रामसागर पारा, जलविहार कालोनी तथा आसपास कई जगहों पर पानी भर गया। यह हर साल हो रहा है।

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