Wednesday, October 5, 2022

भारत बंद से आम आदमी हुआ परेशान, बैंकिंग और परिवहन सेवाएं रहीं बाधित, गैर बीजेपी शासित राज्यों में अधिक प्रदर्शन

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नई दिल्ली: 28 और 29 मार्च को देशव्यापी भारत बंद (Bharat Bandh) का असर पूरे देश मे देखने को मिला. इस दौरान बैंकिंग (Banking Services), परिवहन से संबंधित आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा. दिल्ली समेत देश के कुछ हिस्सों में मजदूर संघों  (Labor Union) के लाल झंडे लिए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के साथ-साथ केरल में भी विरोध प्रदर्शन हुए. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था. इन लोगों का आरोप है कि केंद्र सरकार श्रमिकों और देश के विशाल असंगठित क्षेत्र के
कर्मियों को नुकसान पहुंचा रही है.

भारत बंद के दौरान प्रदर्शन करते हुए इन लोगों ने लेबर कोड खत्म करने, किसी भी प्रकार के निजीकरण को वापस लेने, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन को खत्म करने, मनरेगा (महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत मजदूरी का आवंटन बढ़ाने समेत कुछ मांगें शामिल थी.

तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाले ट्रेड यूनियन लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने हड़ताल में शामिल हुए. हालांकि इस दौरान राज्य द्वारा संचालित परिवहन निगमों की बस सेवाओं ने यात्रियों को राहत देते हुए फिर से परिचालन शुरू कर दिया है.

वहीं केरल में तिरुवनंतपुरम में दुकानें बंद रहीं. यहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की पिनाराई विजयन सरकार ने काम से दूर रहने और हड़ताल में भाग लेने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी. दरअसल यह निर्णय केरल उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार था, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए हड़ताल में भाग लेना अवैध है. बीजेपी शासित राज्य कर्नाटक में सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियंस और अन्य लेफ्ट दलों ने विरोध-प्रदर्शन किया.

भारत बंद का गिने-चुने राज्यों में दिखा आंशिक असर, ज्यादातर जगहों पर सामान्य रहा जनजीवन

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न स्थानों पर ट्रेन को रोका और आवागमन को बाधित किया. देशव्यापी भारत बंद की चर्चा संसद में भी हुई. टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि, केंद्र सरकार की नीतियों से नाखुश लोगों ने पूरे देश में विभिन्न संगठनों ने इस हड़ताल का समर्थन किया. वहीं कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने इस दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर सदन में चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया.

भारत बंद में विभिन्न श्रमिक संगठनों जैसे- नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, हिंद मजदूर सभा समेत विभिन्न दलों ने भाग लिया.

Tags: Modi Sarkar, PM Modi, PSU Bank unions call for 2 days nationwide strike



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