भानुप्रतापपुर उपचुनाव: सुबह 7 बजे से 3 बजे तक कल मतदान, 256 बूथ बनाए गए, इसमें 99 नक्सल प्रभावित

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भाजपा-कांग्रेस सहित सात उम्मीदवार मैदान में

भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। भाजपा की ओर से पूर्व विधायक ब्रह्मानंद नेताम उम्मीदवार हैं। जबकि कांग्रेस से सावित्री मंडावी चुनावी मैदान में हैं। इनके ही पति मनोज मंडावी के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। इनके अलावा एक निर्दलीय और चार अन्य अलग-अलग स्थानीय पार्टी के उम्मीदवार हैं। इनके भाग्य का फैसला क्षेत्र के एक लाख 95 हजार 822 मतदाता करेंगे। 

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चार साल में बढ़े  5514 मतदाता

  • कुल मतदाता : एक लाख 97 हजार 535 
  • पुरुष मतदाता : 95 हजार 186 
  • महिला मतदाता :  एक लाख 491 
  • थर्ड जेंडर मतदाता : एक 

इनमें 1840 पुरुष और 1650 महिलाएं पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जबकि 80 साल से अधिक उम्र के 1875 मतदाता है, इनमें 640 पुरुष और 1235 महिलाएं हैं। यहां सेवा मतदाताओं की संख्या 548 है। जिनमें 529 पुरूष और 19 महिला मतदाता है।

 

विधानसभा क्षेत्र की स्थिति

कुल बूथ 256
नक्सल संवेदनशील 82
अति नक्सल संवेदनशील 17
राजनीतिक रूप से संवेदनशील 23

मतदान केंद्रों की रिपोर्टिंग के लिए 30 सेक्टर अधिकारी

विधानसभा क्षेत्र में 256 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से 82 मतदान केंद्र नक्सल संवेदनशील, 17 अति नक्सल संवेदनशील और 23 राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं। प्रत्येक मतदान दल में एक पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा रिजर्व दल भी बनाए गए हैं। 30 सेक्टर अधिकारी भी बनाए गए हैं, जो लगातार अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों का भ्रमण कर रिपोर्टिंग करेंगे। 

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चुनाव में कुल सात उम्मीदवार मैदान में 

प्रत्याशी  पार्टी
ब्रह्मानंद नेताम भाजपा
सावित्री मंडावी कांग्रेस
के.घनश्याम जुरी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी 
शिवलाल पूडो अंबेडकराइट पार्टी 
हीरा नेताम राष्ट्रीय जन संघ
अकबर राम कोराम सर्व आदिवासी समाज
दिनेश कल्लो  निर्दलीय

कोरोना संक्रमित अंतिम एक घंटे में कर सकेंगे मतदान

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि, कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए जिला और विधानसभा स्तर पर नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की गई है। कोरोना संक्रमित मतदाता को वोट डालने के लिए मतदान खत्म होने से एक घंटे पहले तक का समय मिलेगा। कोरोना संक्रमित, संदिग्ध-प्रमाणित मतदाता, दिव्यांग मतदाता और 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता को डाक मतपत्र से मतदान करने की सुविधा भी दी गई है।





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