भानुप्रतापपुर उपचुनाव: कांग्रेस बोली- ब्रह्मानंद को बचाने के लिए भाजपा ने मर्यादा तोड़ी, सरेंडर कराए

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर उपचुनाव के लिए मतदान समाप्त हो चुका है। प्रत्याशियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो गई है, लेकिन भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। झारखंड हाईकोर्ट के उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के बाद अब कांग्रेस फिर हमलावर हो गई है। उसने ब्रह्मानंद नेताम को दुष्कर्मी बताते हुए कहा है कि भाजपा ने उन्हें बचाने के लिए राजनैतिक दल की सारी मर्यादा तोड़ दी। अब भाजपा उनका सरेंडर कराए। 

दोषमुक्त नहीं हुए हैं, नैतिकता हो तो सरेंडर करें
कांग्रेस संचार विभाग के प्रदेश प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के ऊपर झारखंड के टेल्को थाने में 15 मई 2019 को आपराधिक षड्यंत्र रचने, दुष्कर्म, पॉक्सो और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में एफआईआर दर्ज है। झारखंड हाईकोर्ट ने उसकी बलपूर्वक गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। वह दोषमुक्त नहीं हुए हैं। अब ब्रम्हानंद में नैतिकता हो तो वह खुद झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर कर कानून का सम्मान करें, या भाजपा सरेंडर कराये। 

यह भी पढ़ें…भानुप्रतापपुर उपचुनाव: भाजपा उम्मीदवार ब्रह्मानंद को झारखंड पुलिस ने छोड़ा, हाईकोर्ट के आदेश की दिखाई कॉपी

दुष्कर्मी को प्रत्याशी बना चुनाव अभियान चलाया
सुशील आनंद ने कहा कि, आरोपी के पकड़े जाने के बाद जिस तरह से भाजपा नेता और कार्यकर्ता दुष्कर्मी के बचाव में प्रदर्शन करते नजर आए, उससे साफ हो गया है कि मासूम के गुनाहगार को पूरी भाजपा बचाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि, यह भाजपा का महिला विरोधी घृणित चेहरा है। खुद को पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली भाजपा ने एक दुष्कर्मी को प्रत्याशी बनाकर उसके पक्ष में चुनाव अभियान चलाया। उसकी गिरफ्तारी पर प्रदर्शन कर रहे थे। 
 

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भाजपा ने सरेआम कानून का मखौल उड़ाया
उन्होंने कहा कि, भाजपा के पास ब्रम्हानंद की गिरफ्तारी पर रोक का हाईकोर्ट का आदेश था तो पुलिस को दिखाना था न कि धरना-प्रदर्शन करना। भाजपा ने सरेआम कानून का मखौल उड़ाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आचरण निंदनीय था। कहा कि, ब्रम्हानंद की पैरोकारी कर भाजपा अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकती है। भाजपा में जरा भी नैतिकता नहीं बची है। ब्रम्हानंद के कुकर्म को नजरअंदाज कर भाजपा ने उसे अपना प्रत्याशी बनाया। 

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दुष्कर्मियों को बचाने में लगी है भाजपा
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि, असल में भाजपा का चरित्र ही अपराधियों के साथ खड़ा होना और पीड़ित पक्ष को डराना-धमकाना है। बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली भाजपा, दुष्कर्मियों को बचाने में लगी हुई है। देश में जहां भी भाजपा की सरकारें है वहां दुष्कर्मियों को बचाने के लिए नेता सड़कों पर उतरते है। उन्नाव, कठुआ, हाथरस में भी भाजपा नेता दुष्कर्मी को बचाने झंडा लेकर सड़कों पर उतरे थे। गुजरात में सजायफ्ता 11 दुष्कर्मियों को जेल से रिहा किया गया। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तब उनके ओएसडी ओपी गुप्ता पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा। 

विस्तार

छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर उपचुनाव के लिए मतदान समाप्त हो चुका है। प्रत्याशियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो गई है, लेकिन भाजपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। झारखंड हाईकोर्ट के उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के बाद अब कांग्रेस फिर हमलावर हो गई है। उसने ब्रह्मानंद नेताम को दुष्कर्मी बताते हुए कहा है कि भाजपा ने उन्हें बचाने के लिए राजनैतिक दल की सारी मर्यादा तोड़ दी। अब भाजपा उनका सरेंडर कराए। 

दोषमुक्त नहीं हुए हैं, नैतिकता हो तो सरेंडर करें

कांग्रेस संचार विभाग के प्रदेश प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, भाजपा प्रत्याशी ब्रम्हानंद नेताम के ऊपर झारखंड के टेल्को थाने में 15 मई 2019 को आपराधिक षड्यंत्र रचने, दुष्कर्म, पॉक्सो और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में एफआईआर दर्ज है। झारखंड हाईकोर्ट ने उसकी बलपूर्वक गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। वह दोषमुक्त नहीं हुए हैं। अब ब्रम्हानंद में नैतिकता हो तो वह खुद झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर कर कानून का सम्मान करें, या भाजपा सरेंडर कराये। 

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दुष्कर्मी को प्रत्याशी बना चुनाव अभियान चलाया

सुशील आनंद ने कहा कि, आरोपी के पकड़े जाने के बाद जिस तरह से भाजपा नेता और कार्यकर्ता दुष्कर्मी के बचाव में प्रदर्शन करते नजर आए, उससे साफ हो गया है कि मासूम के गुनाहगार को पूरी भाजपा बचाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि, यह भाजपा का महिला विरोधी घृणित चेहरा है। खुद को पार्टी विद डिफरेंस का दावा करने वाली भाजपा ने एक दुष्कर्मी को प्रत्याशी बनाकर उसके पक्ष में चुनाव अभियान चलाया। उसकी गिरफ्तारी पर प्रदर्शन कर रहे थे। 

 

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भाजपा ने सरेआम कानून का मखौल उड़ाया

उन्होंने कहा कि, भाजपा के पास ब्रम्हानंद की गिरफ्तारी पर रोक का हाईकोर्ट का आदेश था तो पुलिस को दिखाना था न कि धरना-प्रदर्शन करना। भाजपा ने सरेआम कानून का मखौल उड़ाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का आचरण निंदनीय था। कहा कि, ब्रम्हानंद की पैरोकारी कर भाजपा अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकती है। भाजपा में जरा भी नैतिकता नहीं बची है। ब्रम्हानंद के कुकर्म को नजरअंदाज कर भाजपा ने उसे अपना प्रत्याशी बनाया। 

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दुष्कर्मियों को बचाने में लगी है भाजपा

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि, असल में भाजपा का चरित्र ही अपराधियों के साथ खड़ा होना और पीड़ित पक्ष को डराना-धमकाना है। बेटी बचाओ का नारा लगाने वाली भाजपा, दुष्कर्मियों को बचाने में लगी हुई है। देश में जहां भी भाजपा की सरकारें है वहां दुष्कर्मियों को बचाने के लिए नेता सड़कों पर उतरते है। उन्नाव, कठुआ, हाथरस में भी भाजपा नेता दुष्कर्मी को बचाने झंडा लेकर सड़कों पर उतरे थे। गुजरात में सजायफ्ता 11 दुष्कर्मियों को जेल से रिहा किया गया। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे तब उनके ओएसडी ओपी गुप्ता पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा। 





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