Monday, October 3, 2022

बढ़ रहा डेंगू का खतरा: कैम्प में मिला डेंगू का दूसरा मरीज हैदराबाद से लौटी युवती में लक्षण

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भिलाईएक घंटा पहले

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डेंगू संक्रमित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कैंप-2 के शारदापारा में इस साल का दूसरा डेंगू मरीज मिला है। 15 दिन पहले कोहका के एक व्यक्ति को डेंगू हो गया था। उसकी हैदराबाद से लौटने की ट्रैवल हिस्ट्री थी। इधर मंगलवार को 14 वर्षीय बच्ची में डेंगू की पुष्टि हुई है। पुराना संक्रमण होने से उसमें वायरस के विरुद्ध एंटीबॉडी बन गई है। फिर भी सावधानी बरती जा रही है। उसे जिला अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में मच्छरदानी में रखा गया है।

बच्ची की मां के अनुसार सिर्फ दो दिन वह स्कूल जाना-आना की है। तेज बुखार आने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठधाम में रैपिड एंटीजन किट से जांच कराई तो रिपोर्ट आईजीजी पॉजीटिव आई। तेज बुखार, बदन में दर्द के साथ कमजोरी महसूस होने से स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इससे पहले कंफर्म डेंगू केस कोहका में मिला था। उसकी हैदराबाद से लौटने की ट्रेवलिंग हिस्ट्री थी। इधर सोमवार को सेक्टर-10 में हैदराबाद से ही डेंगू के लक्षण वाली युवती लौटी है।

डेंगू को लेकर जांच जरूरी, तभी मिल पाती है सही जानकारी

  • एनएस-1 वायरस मरीज के शरीर में प्रवेश करते ही अपने आप को तैयार करता है। खुद की न्यूक्लियस डेवलप करने में उसे पांच से 7 दिन लगते हैं। ऐसा होने पर पीड़ित को सबसे पहले तेज बुखार आता है। वायरस की मौजूदगी रहती है। इसी दौरान टेस्ट में रिपोर्ट एनएस-1 पॉजिटिव आती है।
  • आईजीएम – वायरस के शरीर में खुद के डेवलमेंट होते ही शरीर के ऑटो इम्यून सिस्टम को पता चल जाता है। शरीर तत्काल उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है। अमूमन संक्रमण के 7 से 10 दिन के भीतर यह बनती है। इस समय रिपोर्ट आईजीएम पॉजिटिव आती है।
  • आईजीजी – किसी भी वायरस के विरुद्ध धीरे बनने वाली एंटीबॉडी को आईजीजी टेस्ट से पहचाना जाता है। शरीर में वायरस प्रवेश किए अगर 15 दिन से ज्यादा हो जाता है, तो उस मरीज का टेस्ट कराने पर रिपोर्ट आईजीजी पॉजीटिव आती है। कुछ मरीजों में यह काफी दिनों बाद बनती है। नोट.. तीनों जांच में से किसी में पॉजिटिव आने का मतलब वायरस के संपर्क में आना है।

मच्छरों का पनपना शुरू, इस वजह से मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ा

चिंता की बात यह कि जून से मच्छरों का ब्रीडिंग पीरियड और इधर जुलाई से डेंगू का पीरियड शुरू हो गया है। जुलाई से अक्टूबर तक डेंगू वायरस के एक्टिव होने की संभावना रहती है। इसी दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ जाने से एक संक्रमित मरीज भी पूरे शहर में डेंगू फैलाने के लिए ज्यादा होता है।

जिले में पिछले 09 साल से डेंगू संक्रमित मिल रहे

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