Friday, September 30, 2022

बोरवेल से निकाले गए राहुल के शरीर पर संक्रमण तीन दिन रहेंगे अहम

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Publish Date: | Wed, 15 Jun 2022 09:06 PM (IST)

बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राहुल के लिए आने वाले तीन दिन काफी अहम हैं। पानी में लगातार पांच दिनों तक रहने के कारण शरीर में संक्रमण फैल गया है। रक्त में भी संक्रमण की शिकायत सामने आई है। इलाज करने वाली डाक्टरों की छह सदस्यीय टीम का कहना है कि राहुल के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। कम से कम सात दिनों तक इलाज चलेगा।

अपोलो अस्पताल प्रबंधन की ओर से बुधवार की सुबह जारी हेल्थ बुलेटिन में राहुल की सेहत को सामान्य बताया गया था। दोपहर में जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि शरीर और रक्त में संक्रमण है। इस संबंध में अस्पताल के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डा. सुशील कुमार ने बताया कि राहुल की स्थिति को लेकर डरने की कोई बात नहीं है। हालांकि शरीर में कई जगह संक्रमण हो गया है। दरअसल लंबे समय तक शरीर के पानी में डूबे रहने से त्वचा गीली हो गई थी।

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इसकी वजह से कई प्रकार के बैक्टीरिया का हमला राहुल की त्वचा पर हुआ है। इसका बारीकी से इलाज किया जा रहा है। बालक रक्त में संक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। हालांकि इसे भी जल्द ठीक कर लिया जाएगा। एहतियात के तौर पर उसे सात दिनों तक विशेष निगरानी में रखकर इलाज किया जाएगा। कई बार संक्रमण पर ध्यान नहीं दिया जाता। बाद में यह बढ़ जाता है।

तब यह मरीज के लिए घातक साबित होता है। राहुल की देखभाल विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम कर रही है। पल-पल उसकी शारीरिक जांच कर यह पुष्टि की जा रही है कि उसकी स्थिति सामान्य चल रही है या नहीं। साफ है कि राहुल का स्वास्थ्य धीरे-धीरे सामान्य होता जा रहा है, जो एक बड़ी राहत की बात है। अपोलो अस्पताल प्रबंधन अब गुरुवार को राहुल का दूसरा हेल्थ बुलेटिन जारी करेगा।

दाल, चावल व रोटी के अलावा दे रहे जूस और फल

राहुल भोजन भी करने लगा है। सुबह के नाश्ते के बाद दोपहर के भोजन में उसे सादा व संतुलित भोजन दिया गया। इसमें दाल, चावल, रोटी, सब्जी, दही शामिल थे। इसके अलावा जूस, ओआरएस और फल भी राहुल को दिए जा रहे हैं। बालक धीरे-धीरे भोजन ग्रहण कर रहा है। उसके आहार में दूध भी शामिल किया गया है।

अभी भी घबराया हुआ है

राहुल अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाया है। पांच दिन तक बोरवेल में रहने के कारण मन में दहशत है, जो धीरे-धीरे कम हो रही है। वहीं, आइसीयू के चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ उसका इलाज करने के साथ ही इशारों से मन बहला रहे हैं। इसका अच्छा असर पड़ रहा है और मानसिक स्थिति भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

Posted By: anil.kurrey

 



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