Tuesday, October 4, 2022

बिना संबद्धता प्रवेश लेने पर महाविद्यालयों से सवाल- तलब

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Publish Date: | Wed, 15 Jun 2022 10:19 PM (IST)

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चेतावनी के बाद भी नियमों की अनदेखी कर रहे महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। इनमें दो अशासकीय व दो शासकीय उच्च शिक्षण संस्थाओं समेत जिले के भी चार महाविद्यालय शामिल हैं। इनसे बिना संबद्धता लिए गए एडमिशन समेत विभिन्ना बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले में डेढ़ दर्जन से अधिक शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें बीते दिनों आफलाइन ब्लैंडेड मोड पर मुख्य परीक्षाएं ली गई। नियमित व स्वाध्यायी परीक्षार्थियों ने अपने महाविद्यालय व केंद्रों में लिखित कापियां जमा कराए जाने के बाद वर्तमान में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जारी है। प्रवेश से लेकर मुख्य परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद अब विश्वविद्यालय की ओर से आदेश जारी कर संबद्धता की कार्रवाई पूर्ण किए जाने की अनिवार्य औपचारिकताओं को लेकर जवाब मांगा गया है। इस नोटिस में विश्वविद्यालय से संबद्ध कुल 17 संस्थाओं को सूचीबद्ध किया गया है। जिले के चार महाविद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। इनमें दो शासकीय बरपाली व दीपका के अलावा जिले में संचालित दो अशासकीय उच्च शिक्षण संस्थाएं भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि प्रवेश के बाद परीक्षा फार्म भराए गए। यहां तक की परीक्षाओं की सभी कार्रवाई भी एक सप्ताह पहले पूर्ण कर ली गई है और अब मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद नोटिस देकर खानापूर्ति की कार्रवाई कई सवाल खड़े कर रही है। बताया जा रहा है कि शासन की संबद्धता के बगैर ही कुछ कालेजों का पोर्टल ओपन कर पहले प्रवेश दिया, फिर परीक्षा भी हो गई। जब इस वर्ष की संबद्धता को लेकर कमियां उजागर हुई, तो उच्च शिक्षा संस्थाओं को नोटिस जारी कर पूछा जा रहा है।

स्पष्टीकरण समय पर करना होगा प्रस्तुत

नोटिस से संबंधित इन शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों ने विभिन्ना विषयों में राज्य शासन व उच्च शिक्षा विभाग से निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर विधिवत संबद्धता नहीं ली है। संबद्धता नहीं लेने वाले कालेजों को इस नोटिस के माध्यम से प्रमुख रूप से यह कहा गया है कि अगर संबद्ध की कार्रवाई पूर्ण नहीं की गई है, तो क्यों न संबंधित संस्था की संबद्धता रद्द कर दी जाए। विश्वविद्यालय के अकादमिक विभाग ने नोटिस के जवाब में अनुकूल स्पष्टीकरण मांगते हुए दस दिनों का समय दिया है। बीते वर्षों में विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्ना उच्च शिक्षण संस्थाओं को उनके यहां कार्यरत शैक्षणिक व अशैक्षणिक कर्मियों का ब्यौरा देने और कमियों को यथाशीघ्र दूर करने अनेक नोटिस जारी किए, पर कमियां आज तक दूर नहीं की जा सकी हैं।

अधूरे पाठ्यक्रम की उपाधि को नहीं किया गया पूरा

इसके पहले भी अनेक प्रकार की शिकायतों को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्ना कालेजों को नोटिस जारी करने के साथ कुछ में जीरो एडमिशन घोषित करने की कार्रवाई की जा चुकी है। इस बार जारी कारण बताओं नोटिस में अटल विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि कालेजों ने परिनियम-28 की कंडिका 8 (1) के प्राविधानों की अवहेलना की है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि अस्थायी संबद्धता लेने के बाद महाविद्यालयों ने अधूरे पाठ्यक्रम की उपाधि को पूरा करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय की वरिष्ठता सूची में जिनकी मृत्यु हो गई या जो स्कूल में पढ़ा रहे, उनका भी नाम है। इस गलती को अब तक सुधार नहीं किया जा सका है। इस तरह की अनेक बातें शामिल हैं, जिसपर विभिन्ना महाविद्यालयों से जवाब मांगा गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

 



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