Tuesday, October 4, 2022

पान की दुकान पर प्राण को मिला था फिल्म का ऑफर, अपने ज़माने में लेते थे हीरो से ज्यादा फीस

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Pran Death Anniversary: एक ऐसा एक्टर जिसके किरदार के कारण बरसों तक किसी मां ने अपने बेटे का नाम इस एक्टर के नाम पर नहीं रखा.जी, हम बात कर रहे हैं अभिनेता प्राण (Pran) की जिनकी आज डेथ एनिवर्सरी है. प्राण को हिंदी फिल्मी इंडस्ट्री में पहला ब्रेक फिल्म खानदान से मिला था. प्राण अपनी अदाकारी में इतने डूब जाते थे कि ये साबित कर देते उनके बिना वो किरदार कोई और नहीं कर सकता है.

 

बात चाहे ‘जिस देश में गंगा बहती है’ के ‘डाकू राका’ की हो या फिर ‘उपकार’ के अपाहिज ‘मलंग चाचा’ का किरदार या फिर ‘जंजीर’ में ‘शेरखान’ के पठान के किरदार की, उनकी अदायगी आज भी दर्शकों के जेहन में है. पुरानी दिल्ली में जन्में प्राण का सपना था कि वो फोटोग्राफर बने पर और इस सपना को पूरा करने के उन्होंने , दिल्ली की ‘ए दास & कंपनी’ में एक इंटर्न के तौर पर काम भी किया लेकिन उनका इंतजार तो सिनेमा जगत कर रहा था.

 

एक दिन राइटर मोहम्मद वली ने पान की दुकान पर प्राण को खड़े देखा और पहली ही नजर में ये सोच लिया कि प्राण उनकी फिल्म यमला जट के लिए बिल्कुल सही च्वाइस हैं. प्राण भी इस फिल्म के लिए मान गए और यहीं से उनका फिल्मी सफर शुरू हो गया. लाहौर फिल्मी इंडस्ट्री में निगेटिव रोल में कामयाब प्राण को हिंदी फिल्मी इंडस्ट्री में पहला ब्रेक फिल्म खानदान से मिला था. बंटवारे के पहले प्राण ने 22 फिल्मों में विलेन का रोल प्ले किया था.

 

प्राण अपने दौर में राजेश खन्ना के बाद सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर थे लेकिन दरियादिली इतनी थी कि उन्होंने फिल्म बाॅबी सिर्फ 1 रुपए में साइन की थी.अमिताभ को एंग्री मैन बनाने का भी क्रेडिट भी प्राण को ही जाता है. प्राण ने 6 दशक लंबे करियर में दर्शकों को डराया भी और खूब हंसाया भी. लोगों को उनसे नफरत भी हुई और बेपनाह मोहब्बत भी. प्राण को हिन्दी सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2001 में भारत सरकार ने पद्म भूषण और इसी साल दादा साहेब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया था. 2013 में 93 साल की उम्र में इस शानदार कलाकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया.



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