Wednesday, October 5, 2022

तत्कालीन निगम आयुक्त हनीफी पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप: सीवेज के 29.88 करोड़ दूसरे कार्यों में खर्च, 13 साल बाद मांगी गई रिपोर्ट

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बिलासपुर3 घंटे पहले

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सालों से चले रहे सीवरेज प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप लगते रहे हैं।

अंडर ग्राउंड सीवेज प्रोजेक्ट सहित अन्य केंद्रीय मद के 29.88 करोड़ रुपए राज्य प्रवर्तित योजनाओं में बिना शासन की मंजूरी लिए नगर निगम के प्रभारी आयुक्त ने खर्च कर डाले। 13 साल बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मामले की जांच रिपोर्ट मंगवाई तो सिविल लाइन थाने में इसकी फाइल नहीं मिल रही है। मामला स्थानीय नगर पालिक निगम का है।

तत्कालीन आईएएस आयुक्त मुकेश बंसल के निर्देश पर 24 जुलाई 2009 को सिविल लाइन थाने में पूर्व प्रभारी आयुक्त एमए हनीफी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। दिलचस्प बात यह है कि 422 करोड़ की लागत वाले सीवेज प्रोजेक्ट को वर्क आर्डर के मुताबिक अक्टूबर 2010 में पूर्ण हो जाना था, वह अब तक अपूर्ण है। आरोपी और उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने वाले दोनों रिटायर हो चुके हैं।

लोक लेखा समिति जवाब से संतुष्ट नहीं, 1.51 लाख वसूले
करोड़ों रुपयों के भुगतान को लेकर आडिट आब्जेक्शन है। लोक लेखा समिति जवाब से संतुष्ट नहीं है, इसलिए गड़बड़ घोटाले की जांच रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। कर्मचारियों के भुगतान मामले में अनियमितता को लेकर हनीफी से 1.51 लाख की वसूली की गई।

सीवेज फंड से किया गया था ठेकेदारों को भुगतान
केंद्रीय मद के अनुदान का उपयोग दीगर कार्यों में करना आर्थिक अनियमितता के दायरे में आता है। सिविल सेवा एवं भर्ती नियम में इसके विरुद्ध कार्रवाई के प्रावधान हैं। आरोप है कि तत्कालीन आयुक्त हनीफी ने सीवेज फंड का उपयोग ठेकेदारों को भुगतान करने में कर दिया।

एसपी बन चुके जांच अधिकारी तबादले पर चले गए थे… : ‘दैनिक भास्कर’ ने तत्कालीन जांच अधिकारी सीएसपी साहू से बातचीत की। साहू अब सूरजपुर जिला पुलिस अधीक्षक हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान बतौर एडिशनल एसपी उनकी अन्य स्थान पर पदस्थापना कर दी गई थी।

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