Friday, September 30, 2022

घेराव कर लंबित रोजगार बसाहट समेत 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

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Publish Date: | Wed, 15 Jun 2022 10:22 PM (IST)

कोरबा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ किसान सभा मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भू- विस्थापित रोजगार एकता संघ ने संयुक्त रूप से एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में भू-विस्थापितों के लंबित रोजगार, बसाहट एवं प्रभावित गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर एक घंटे गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। विरोध प्रदर्शन करने के बाद एसईसीएल के सीएमडी के नाम गेवरा महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपते हुए 30 जून को गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय को बंद करने की चेतावनी दी है।

ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक, दिलहरण बिंझवार, सत्रुहन दास, रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप, दामोदर श्याम, रेशम, बलराम, रघु समेत सैकड़ों भू- विस्थापित उपस्थित थे। एक घंटा कार्यालय का घेराव के बाद गेवरा क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक परेडा ने बाहर आकर ज्ञापन लिया। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि एसईसीएल द्वारा पूर्व में कुसमुंडा, गेवरा,कोरबा, दीपका क्षेत्र द्वारा कई गांवों का अधिग्रहण किया गया लेकिन आज भी हजारों भू- विस्थापित रोजगार के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। कुसमुंडा में जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 227 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है लेकिन प्रबंधन भू- विस्थापितों को गुमराह करने का काम कर रही है। किसी भी पुनर्वास ग्राम में बुनियादी मानवीय सुविधाओं के साथ बसाहट नहीं दी गई है और न ही यहां के लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कई बार प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन भू- विस्थापितों की इन समस्याओं के निराकरण के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक ने कहा कि ज्ञापन में प्रभावित गांवों में बिजली और पानी की सुविधा निश्शुल्क देने तथा सभी प्रभावित छोटे-बड़े खातेदारों को स्थाई नौकरी देने, आंशिक अधिग्रहण पर रोक लगाने के साथ 16 सूत्रीय मांगपत्र एसईसीएल प्रबंधन को सौंपा गया है। ज्ञापन में ग्राम भठोरा के चौथे चरण 2016-17 से लंबित मकानों एवं अन्य परिसंपत्तियों का तथा पुनर्वास गांव गंगानगर में तोड़े गए मकानों और शौचालयों का क्षतिपूर्ति मुआवजा तत्काल दिए जाने की भी मांग की है। किसान सभा नेता ने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों के पुनर्वास और रोजगार के सवाल पर प्रबंधन सकारात्मक पहल नहीं करती, तो 30 जून को गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय में अनिच्छित कालीन घेरा डालो डेरा डालो महाबंद आंदोलन किया जाएगा। भू- विस्थापित रोजगार एकता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम कश्यप, दामोदर श्याम, रेशम यादव, बलराम, रघु ने कहा कि जिनकी जमीन एसईसीएल ने ली है उन्हें बिना किसी शर्त के रोजगार दिया जाए क्योंकि जमीन ही उनके जीने का एकमात्र सहारा था। आज भुखमरी के कगार पर भू- विस्थापित खड़े है। अब आर पार की लड़ाई का समय आ गया है 30 जून को पूरे परिवार सहित हजारों भू- विस्थापित आंदोलन में शामिल होंगे। विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,संजय यादव,पुरषोत्तम, सत्रुहन, दामोदर, रेशम, सनत, विजय, अनिल बिंझवार, नरेंद्र, गणेश प्रभु, मोहनलाल कौशिक, बजरंग सोनी,पंकज के साथ सैकड़ों भू- विस्थापित शामिल थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

 



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