Tuesday, October 4, 2022

गेहूं-तेल और गैस… रूस और यूक्रेन दुनिया को इन चीजों की करते हैं सप्लाई

More articles


नई दिल्ली. रूस बीते 35 दिनों से यूक्रेन पर हमले (Russia-Ukraine War) कर रहा है. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil Prices) समेत कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं. रूस और यूक्रेन दुनिया के कमोडिटी बाजार में बड़ी रणनीतिक भूमिका अदा करते हैं. दोनों देश बेसिक रॉ मैटेरियल के बड़े निर्यातक हैं. गेहूं से लेकर तेल, गैस, कोयला के अलावा दूसरी बेशकीमती धातुओं के ये बड़े सप्लायर हैं.

आंकड़ों पर नज़र डालें तो, रूस और यूक्रेन दोनों मिलकर दुनिया के लिए 32 फ़ीसदी गेहूं, 20 फ़ीसदी मक्की और 70 से 80 फ़ीसदी सूरजमुखी के तेल का उत्पादन करते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक अकेले यूक्रेन ने साल 2018 से साल 2020 के बीच दुनिया के 49.6 प्रतिशत सूरजमुखी के तेल का उत्पादन किया था. 10 फ़ीसदी गेहूं भी उगाया था. पिछले कुछ साल में यूरोपियन देशों के खाद्यान्न आयात करने वाले देशों में यूक्रेन 3 या 4 नंबर पर आता है.

Ukraine War: US ने चेताया- रूस से तेल खरीद बढ़ाने का भारत को हो सकता है बड़ा खतरा

अगर आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2020 में मिस्र ने 85 प्रतिशत और लेबनान ने 81 प्रतिशत खाद्यान्न सामग्री यूक्रेन से आयात की थी. ऐसे में जब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस से हर तरह के आयत निर्यात पर पाबंदी लगाई है, तो रूस ने भी यूक्रेन से निर्यात होने वाली सामग्रियों को वैश्विक बाज़ार में जाने से रोक दिया है.

रूस की अर्थव्यवस्था का बड़ा दारोमदार कच्चे तेल और गैस के निर्यात पर टिका है. यूक्रेन पर हमले से पहले दुनिया में इस्तेमाल होने वाले हर दस बैरल में से एक बैरल कच्चा तेल रूस का हुआ करता था. लेकिन अब युद्ध की वजह से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन ने रूसी तेल और गैस के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है.

ब्रिटेन का दावा- यूक्रेन के मददगार देशों पर साइबर अटैक की तैयारी में रूस

विशेषज्ञों का कहना है कि लड़ाई की वजह से तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि रूस एक दिन में 50 लाख गैलन तेल निर्यात करता है. सप्लाई रुकने से ग्लोबल मार्केट में इसकी भरपाई मुश्किल है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक क़रीब 100 जहाज़ ऐसे हैं, जिन्हें रूस ने भूमध्य सागर में जाने से रोक दिया. ब्लैक सी में जाने की हिम्मत कोई भी कंपनी नहीं उठाना चाहती है. इस तरह यूरोपियन देशों को ईंधन की कमी और खाद्यान्न संकट से निपटने के लिए कोई दूसरा विकल्प तलाशना होगा.

Tags: Russia, Russia ukraine war



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest