Friday, September 30, 2022

कोर्ट ने सुनाई सजा: बच्चों के मध्यान्ह भोजन के पैसे खा गए, पूर्व बीईओ समेत 3 लोगों को हुई जेल

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राजनांदगांव20 मिनट पहले

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स्कूलों में बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए जारी होने वाले लाखों रुपए तकरीबन 7 साल तक निकालकर गबन करने के आरोप में राजनांदगांव जिले के पूर्व बीईओ तथा दुर्ग-राजनांदगांव ग्रामीण बैंक के एक अफसर और एक कर्मचारी को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अंजलि सिंह ने तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मध्यान्ह भोजन में यह घपला 2004-05 से 2011 के बीच किया गया था। इसमें एक आरोपी ने बीईओ दफ्तर से जारी किए गए चेक में काट-छांट कर रकम बढ़ाई गई और हर बार बैंक से ज्यादा पैसे निकाल लिए गए थे।

इस आरोपी यादराम देवांगन की मृत्यु हो चुकी है। सजा के आदेश के मुताबिक 2004-05 से 2011 के दौरान मध्याह्न भोजन का संचालन करने वाले महिला समूहों को भुगतान के लिए चेक जारी की गई। इसको मृतक आरोपी देवांगन ने हर बार बीईओ कार्यालय से प्राप्त किया। इस दौरान बीईओ सुनील महाकालकर थे।

कोर्ट ने माना कि इस फर्जीवाड़े में बीईओ तथा बैंक के इन दोनों कर्मचारियों की भूमिका थी। इस आधार पर अदालत ने बीईओ महाकालकर, बैंक अफसर बघेल और कर्मचारी डोंगरे को तीन-तीन वर्ष सश्रम कारावास तथा एक-एक हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।

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