Friday, September 30, 2022

एनटीपीसी के राखड़ से ग्रामीणों को अब तक नहीं मिली राहत बढ़ रहा आक्रोश

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Publish Date: | Wed, 15 Jun 2022 05:53 PM (IST)

बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत पावर प्लांट के राखड़ से ग्रामीणों को अब तक कोई राहत नहीं मिली है। आंदोलन के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों ने समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी भी समस्या तस के तस बनी हुई है। राखड़ उड़कर घरों में जा रहा है। इससे ग्रामीणों का जीना दुभर हो गया है। ग्रामीणों में भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिम्मेदार एनटीपीसी प्रबंधन राखड़ के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है।

एनटीपीसी सीपत प्रबंधन ने राखड़ के लिए तीन अलग-अलग डैम बनाया है। तीनों में राखड़ डंप पड़ा है। सप्लाई बंद होने के कारण डैम से राखड़ ओवरफ्लो हो रहा है। अंधड़ चलने से उड़कर सड़क से लेकर ग्रामीणों के घरों में घुस रहा है। इसके कारण ग्रामीण परेशान हैं। कुछ दिन पहले रांक, रलिया, कौड़िया समेत आसपास के गांवों की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर राखड़ की समस्या को दूर करने की मांग की थी। अधिकारियों ने जल्द ही समस्या दूर करने का आश्वासन दिया था। पर अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। राखड़ डैम से ओवर फ्लो हो रहा है।

दूसरी ओर गतौरा, पंधी, मटियारी, जांजी, सीपत, गुड़ी, हिंडाडीह, खाड़ा समेत दर्जनों गांव कोयला के डस्ट से प्रभावित हैं। इसी सड़क से कोयले का परिवहन होता है। इससे रोड में बहुत ज्यादा मात्रा में कोयले का डस्ट जमा हो गया है। ओवरलोड भरे होने के कारण कोयला सड़क पर गिरता है। धूल उड़ने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। वाहन से चलने से डस्ट ज्यादा उड़ता है। इसलिए इस रोड पर चलना मुश्किल हो गया है।

सूखा मौसम में धूल और बारिश के दिनों में कीचड़ से परेशान होते हैं। धूल के कारण आसपास लगे पेड़-पौधे भी काले पड़ गए हैं। पत्तों पर डस्ट जमे हुए हैं। गांवों के सरपंच कई बार एनटीपीसी सीपत से लेकर कोलवाशरी प्रबंधन से शिकायत कर चुके हैं। प्रबंधन सिर्फ आश्वासन देते हैं। कुछ दिनों तक सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाते हैं। इसके बाद फिर बंद करवा दिया जाता है।

Posted By: sandeep.yadav

 



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