Friday, September 30, 2022

इंटरनेट पर छा गए महाप्रभु दोपहर 12 बजे रथ में विराजमान होंगे भगवान जगन्नाथ

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Publish Date: | Fri, 01 Jul 2022 11:53 AM (IST)

बिलासपुर। संस्कारधानी में शुक्रवार सुबह से रथयात्रा (गुंडिचा) को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है। कोरोना महामारी के दो साल बाद भक्तों को रथ खिंचने का मौका मिलेगा। रेलवे परिक्षेत्र स्थित जगन्नाथ मंदिर प्रांगण को भव्य रूप से सजाया गया है। सूर्योदय के साथ मंगल आरती हुई है जिसके बाद अब भक्त दर्शन करने पहुंच रहे हैं। दोपहर 12 बजे महाप्रभु रथ में विराजमान होंगे। भक्त सड़कों की साफ सफाई और भोग वितरण के लिए जुट गए हैं। वहीं इंटरनेट पर भक्त लगातार महाप्रभु की तस्वीर के साथ बधाई एवं शुभकामनाएं शेयर कर रहे हैं। व्हाटएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर सहित अन्य माध्यमों में जबरदस्त होड़ मची हुई है।

मंदिर के पुजारी गोविंद पाढ़ी ने बताया कि हिंदू परंपरा में रथयात्रा का विशेष महत्व है। महाप्रभु के दर्शन और रथ खींचने मात्र से मनुष्य के संकट दूर होने लगते हैं। स्वास्थ्यगत समस्या नहीं रहती। वर्षभर क्लेश और बाधाओं से दूर रहते हैं। जीवन खुशहाल और आनंद से परिपूर्ण हो जाता है। रथयात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस की निगरानी रहेगी। श्री पाढ़ी ने बताया कि शुक्रवार सुबह से भक्तों का तांता लग गया है। रथयात्रा के पूर्व छेरापहरा की परंपरा एक राजा के रूप में रेलवे के सेवानिवृत्त चिकित्सक डा. एपी पटनायक करेंगे। महाप्रभु नगर भ्रमण करते हुए मौसी के घर पहुंचेंगे।

रथ में सबसे पहले सुदर्शन, फिर बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा चढ़ेंगे। आखिर में भगवान जगन्नाथ सवार होंगे। इस अलौकिक पल को देखने और आशीर्वाद लेने श्रद्धालु पहुंचेंगे। मंदिर समिति की ओर से रथ को खास तरीके से सजाया गया है। रथयात्रा से पूर्व भगवान को सात प्रकार के विशेष भोग लगाया जाएगा। अन्न् भोग के साथ फलों का रस भी होगा। मौसमी फल भी चढ़ाए जाएंगे। वहीं मौसी के घर में नौ दिन रहने के बाद वापस महाप्रभु घर आएंगे। मौसी मां के घर उनके मनोरंजन के साथ ही विभिन्न् सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। नौ जुलाई को भगवान वापस मंदिर में आएंगे। इसे बाहुड़ा यात्रा कहा जाता है। वहीं रुठी हुई माता लक्ष्मी को मनाएंगे।

Posted By: Yogeshwar Sharma

 



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